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बिछड़ गया कोई

ना हाथ थाम सके ना पकड़ सके दामन
बेहद ही करीब से गुज़र कर बिछड़ गया कोईView attachment 311413
फिसल जातें हैं लोग भरी मुठ्ठी रेत की तरह
लगता तो ऐसा हैं, की हैं मेरे पास पर ज़ब
मुठ्ठी खोलो तो धूल तक न रहती हातो मे :smile1:
 
ना हाथ थाम सके ना पकड़ सके दामन
बेहद ही करीब से गुज़र कर बिछड़ गया कोईView attachment 311413
Bahut khub...
Par socho to..
दीदार जो उनका हुआ मानो
ईद के चाँद सा मेरा यार हुआ,
इस बरस तो जी भर के देखा

अगले बरस का फिर से इंतेज़ार हुआ।
क्या हुआ जो थाम ना सके
हाथ, पकड़ न सके दामन,
इतने करीब से गुजरे वो
देख के प्यारा एहसास तो हुआ।

 
images (40).jpegबिछड़ने से ज़रा पहले .....
तुमको मैंने बताना था...
हाँ मुझे तुमसे मोहब्बत है.. मैंने ये जताना था..

बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने बताना था... बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने पाना था....

कहना बहुत कुछ था तुमसे पर शायद शब्द ना थे मेरे पास.. बिछड़ने से ज़रा पहले कुछ भी बयान ना कर पाया मैं .. कैसा ये अफ़साना था..

बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने पाना था.. बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने पाना था...
 
View attachment 311469बिछड़ने से ज़रा पहले .....
तुमको मैंने बताना था...
हाँ मुझे तुमसे मोहब्बत है.. मैंने ये जताना था..

बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने बताना था... बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने पाना था....

कहना बहुत कुछ था तुमसे पर शायद शब्द ना थे मेरे पास.. बिछड़ने से ज़रा पहले कुछ भी बयान ना कर पाया मैं .. कैसा ये अफ़साना था..

बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने पाना था.. बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने पाना था...
Amazing :clapping:
 
फिसल जातें हैं लोग भरी मुठ्ठी रेत की तरह
लगता तो ऐसा हैं, की हैं मेरे पास पर ज़ब
मुठ्ठी खोलो तो धूल तक न रहती हातो मे :smile1:
वक्त की रेत हाथों से, कुछ यूं फिसल गई.
जिंदगी समझे जब तक, जिंदगी निकल गई.
.
किया था वादा ता-उम्र, इमदाद का उसने
मुश्किलों मे किस्मत की भी, नीयत बदल गई.
.
बेमन उदास बैठी थी, तन्हाई में जब शाम
आमद जो उसकी हुई तो, तबियत बहल गई.
.
दुनिया की बंदिशों का, हमें इल्म है मगर
उसे पाने की फिर भी, ख्वाहिश मचल गई.
 
Bahut khub...
Par socho to..
दीदार जो उनका हुआ मानो
ईद के चाँद सा मेरा यार हुआ,
इस बरस तो जी भर के देखा

अगले बरस का फिर से इंतेज़ार हुआ।
क्या हुआ जो थाम ना सके
हाथ, पकड़ न सके दामन,
इतने करीब से गुजरे वो
देख के प्यारा एहसास तो हुआ।

न जी भर के देखा न कुछ बात की
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की
 
View attachment 311469बिछड़ने से ज़रा पहले .....
तुमको मैंने बताना था...
हाँ मुझे तुमसे मोहब्बत है.. मैंने ये जताना था..

बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने बताना था... बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने पाना था....

कहना बहुत कुछ था तुमसे पर शायद शब्द ना थे मेरे पास.. बिछड़ने से ज़रा पहले कुछ भी बयान ना कर पाया मैं .. कैसा ये अफ़साना था..

बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने पाना था.. बिछड़ने से ज़रा पहले तुमको मैंने पाना था...
उसे मैं याद आता तो हूँ फुरसत के लम्हों मे समीर,
मगर ये हकीकत है, के उसे फुरसत नहीं मिलती।
 
वक्त की रेत हाथों से, कुछ यूं फिसल गई.
जिंदगी समझे जब तक, जिंदगी निकल गई.
.
किया था वादा ता-उम्र, इमदाद का उसने
मुश्किलों मे किस्मत की भी, नीयत बदल गई.
.
बेमन उदास बैठी थी, तन्हाई में जब शाम
आमद जो उसकी हुई तो, तबियत बहल गई.
.
दुनिया की बंदिशों का, हमें इल्म है मगर
उसे पाने की फिर भी, ख्वाहिश मचल गई.
Kya baat he
:whistle::whistle:
 
ना हाथ थाम सके ना पकड़ सके दामन
बेहद ही करीब से गुज़र कर बिछड़ गया कोईView attachment 311413
दिल के करीब था, हाथों से दूर था,
बस एक लम्हे में बेगाना हुआ कोई।
 
दिल के करीब था, हाथों से दूर था,
बस एक लम्हे में बेगाना हुआ कोई।
दर्द दे मुहब्बत की याद है फसाना
किसी के लिए मरता था ये दीवाना
सकुन है आज देख कर जमाना
कोई न है अब सच्चे प्यार का दीवाना
:Cwl:
 
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